जहाँ छोड़ा, वहीं से
ऐप याद रखता है कि आप कहाँ तक पढ़ चुके हैं।
तेरह अध्याय, 700 श्लोक और पूरा पूर्वांग-उत्तरांग — सब कुछ पारम्परिक पाठ-क्रम में, मूल संस्कृत में, आपके फ़ोन पर।
परिचय
श्री दुर्गा सप्तशती मार्कण्डेय पुराण का वह भाग है जिसे देवी माहात्म्य या चण्डी पाठ भी कहते हैं। इसमें सात सौ श्लोकों में माँ दुर्गा की महिमा गाई गई है।
कथा तीन चरित्रों में है: प्रथम चरित्र में मधु-कैटभ का वध, मध्यम चरित्र में महिषासुर का वध, और उत्तम चरित्र में शुम्भ-निशुम्भ और उनकी सेना का वध। नवरात्रि में इसका पाठ विशेष रूप से किया जाता है।
पाठ-क्रम
हर भाग ठीक उसी क्रम में है जिसमें पाठ किया जाता है। अध्यायों के साथ उनकी श्लोक संख्या दी गई है।
ऐप में पाठ
ऐप याद रखता है कि आप कहाँ तक पढ़ चुके हैं।
कोई भी श्लोक सहेजें और एक टैप में लौटें।
अपनी गति चुनें, पाठ अपने-आप आगे बढ़ेगा।
आँखों के आराम के लिए अक्षर का आकार और डार्क मोड।
प्रश्न-उत्तर
कुल 13 अध्याय और 700 श्लोक हैं। ये तीन चरित्रों में बँटे हैं: प्रथम चरित्र में अध्याय 1, मध्यम चरित्र में अध्याय 2 से 4, और उत्तम चरित्र में अध्याय 5 से 13।
कुल 39 भाग हैं: सप्तश्लोकी दुर्गा, अष्टोत्तरशतनाम, पाठ विधि, देवी कवच, अर्गला, कीलक, रात्रिसूक्त, अथर्वशीर्ष, न्यास, उपसंहार, देवीसूक्त, तीनों रहस्य, सिद्धकुञ्जिका स्तोत्र, आरतियाँ और क्षमा-प्रार्थना।
ऐप में सभी भाग पारम्परिक क्रम में हैं: पहले पाठ विधि, कवच, अर्गला और कीलक, फिर तेरह अध्याय, और अंत में उपसंहार और रहस्य। अपनी परम्परा या गुरु के बताए क्रम को ही प्राथमिकता दें।
हाँ। ऐप याद रखता है कि आपने कहाँ तक पढ़ा था। होम स्क्रीन पर एक टैप से वहीं से आगे पढ़ें, और ज़रूरी श्लोक बुकमार्क भी कर सकते हैं।
हाँ। सभी 39 भाग ऐप के अंदर ही हैं, इसलिए पाठ पूरी तरह ऑफ़लाइन होता है।